संपादक मोहम्मद अमीन✍️
इंदौर । दिग्विजय सिंहजी के विपक्षी दल के राष्ट्रीय स्तर के नेता होने से उनकी बात दूर देशों तक जाती है जिससे भारतीय उच्चतम न्यायालय के अपमान व अवमानना के लिए भारतीय संविधान की धारा १५/न्यायिक अवमानना अधिनियम १९७१ के तहत,सक्षम कानूनी कार्रवाई की जाने की मांग।
इंदौर भाजपा सांसद प्रतिनिधि डॉ सन्तोष वाधवानी ने, हाल ही में कांग्रेस राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने से बोखलाए कांग्रेसीयों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमेशा की तरह कांग्रेस इस बार भी अपनी गलती का ठीकरा भाजपा व राज्य व केन्द्रीय प्रशासन पर फोड़ने से बाज नही आई है यहां तक तो ठीक था लेकिन इस बार हार से बोखलाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजयसिंग ने सारी हदें पार करते हुए अपनी गलतियों और नाकामियों का ठीकरा राज्य सरकार, केन्द्र सरकार,व चुनाव आयोग के साथ-साथ भारतीय न्याय व्यवस्था की सर्वोच्च सत्ता माननीय उच्चतम न्यायालय को भी न सिर्फ शंका के घेरे में लिया अपितु उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) को चोर तक कहने का दुःस्साहस तक कर डाला जो कि भारत की न्याय व्यवस्था व उच्चतम न्यायालय की गरिमा को देश विदेशों मे धूमिल करने का प्रयास है माननीय दिग्विजयसिंग के विपक्षी दल के राष्ट्रीय स्तर के नेता होने से उनकी बात दूर देशों तक जाती है जिससे भारतीय उच्चतम न्यायालय के अपमान व अवमानना के लिए भारतीय संविधान की धारा १५/ न्यायिक अवमानना अधिनियम १९७१ के तहत , सक्षम कानूनी कार्रवाई की जाना चाहिए भाजपा नेता डॉ संतोष वाधवानी ने माननीय उच्चतम न्यायालय से इस पर स्व संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की है । ताकि भविष्य मे कोई भी भारतीय न्यायपालिका की उच्च आसन्दी की गरिमा व निष्पक्षता पर हमला करने के पहले दस बार सोचे।


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