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Agri Bharat Samachar -  Indore, Jhabua and MP Hindi News

अग्रि भारत समाचार से ब्यूरो चीफ़ मु. शफ़क़त दाऊदी की रिपोर्ट ।

आलीराजपुर । जिले की जोबट विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती  सेना महेश पटेल द्वारा विधानसभा में ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं की बदहाल स्थिति, फायर ब्रिगेड की कमी तथा आगजनी की घटनाओं में समय पर राहत नहीं मिलने का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र में ‘मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026’ सदन में प्रस्तुत किया, जिसे विधानसभा ने पारित कर दिया। इस नए कानून का उद्देश्य प्रदेश में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाना है।


विधायक सेना महेश पटेल ने गृह विभाग से पूछे गए अपने विधानसभा प्रश्न में सरकार से जानकारी मांगी थी कि प्रदेश के किन-किन जिलों में फायर ब्रिगेड केंद्र संचालित हैं, प्रत्येक पुलिस थाना एवं पुलिस चौकी स्तर पर अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की क्या योजना है तथा वर्ष 2023 से अब तक आगजनी की घटनाओं में प्रभावित परिवारों को कितनी आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। उन्होंने यह भी जानना चाहा था कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं से बचाव एवं त्वरित राहत के लिए सरकार ने कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं। विधानसभा में यह महत्वपूर्ण प्रश्न उठने के बाद सरकार ने प्रदेश की अग्निशमन व्यवस्था को नए कानूनी ढांचे में लाने के उद्देश्य से ‘मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026’ प्रस्तुत किया। विधेयक के पारित होने के साथ ही राज्य में अग्निशमन सेवाओं के संचालन, निगरानी, सुरक्षा मानकों तथा आपातकालीन प्रबंधन को लेकर व्यापक प्रावधान लागू किए जाएंगे।


विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी अंचलों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी आग लगने की घटनाओं के दौरान समय पर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाती, जिससे गरीब परिवारों के मकान, अनाज, पशुधन, फसल और जीवनभर की जमा-पूंजी आग की भेंट चढ़ जाती है। कई बार फायर स्टेशन कई किलोमीटर दूर होने के कारण राहत कार्य में देरी होती है, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ जाता है। इसी गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विधानसभा में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नया कानून लाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन इसकी सफलता तभी होगी जब इसका लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे। जोबट, आलीराजपुर सहित सभी आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएं, आधुनिक अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराए जाएं, पर्याप्त प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति हो तथा आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जाए, ताकि आगजनी की घटनाओं में जन-धन की हानि को प्रभावी रूप से रोका जा सके। विधायक सेना महेश पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि विधानसभा में उठाए गए इस महत्वपूर्ण विषय के बाद प्रदेश की अग्निशमन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा सरकार नए कानून को केवल कागजों तक सीमित न रखकर धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करेगी, जिससे प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को भी समय पर सुरक्षा एवं राहत मिल सके।

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