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मध्य भारत संपादक अली असगर बोहरा मो.न. 8962728652

Prosecution acts as a bridge between the police and the judiciary ... Mr. Vijay Yadav.

भोपाल । तृतीय नेशनल कॉन्‍फ्रेंस का उद्घाटन संचालक लोक अभियोजन म.प्र. श्री विजय यादव द्वारा किया गया । सी.ए.पी.टी. (सेन्‍ट्रल एकेडमी फॉर पुलिस ट्रेनिंग), भोपाल में दिनांक 23/03/2021 को अभियोजन अधिकारियों की तृतीय नेशनल ऑनलाईन कॉन्‍फ्रेंस का उद्घाटन श्री विजय यादव (भा.पु.से.), महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन म.प्र. द्वारा किया गया। अपने प्रभावी उद्बोधन में आपके द्वारा लोक अभियोजकों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्‍हें न्‍याय व्‍यवस्‍था का अति महत्‍वपूर्ण अंग बताते हुए उनके उज्‍ज्‍वल भविष्‍य की कामना की। इस मौके पर श्री पवन श्रीवास्‍तव (भा.पु.से.), संचालक सी.ए.पी.टी. भोपाल भी उपस्थित रहे। उक्‍त कॉन्‍फ्रेंस में राष्‍ट्रीय स्‍तर से अभियोजन विभाग के संचालक एवं अन्‍य चयनित अधिकारियों ने भाग लिया। नेशनल कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। पूर्व में सी.ए.पी.टी. भोपाल द्वारा दो नेशनल कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन किया जा चुका है, वर्तमान कोविड-19 की विषम परिस्थितियों को देखते हुए इस कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन पूर्वानुसार फिजिकल न किया जाकर ऑनलाईन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में श्री पवन श्री वास्‍तव के द्वारा श्री विजय यादव जी का स्‍वागत किया गया तथा कॉन्‍फ्रेंस की विस्‍त़ृत रूपरेखा के साथ कॉन्‍फ्रेंस का उद्देश्‍य एवं योजना देशभर के अभियोजन अधिकारियों के सम्‍मुख रखी गई।


 श्री विजय यादव ने अपने अध्‍यक्षीय उद्बोधन में म.प्र. लोक अभियोजन द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों को पीडित एवं फरियादियों को समर्पित करते हुए बताया गया कि म.प्र. लोक अभियोजन पीडित व्‍यक्ति को उचित व समय पर न्‍याय दिलाने हेतु दृढ़ सं‍कल्पित है। श्री यादव के अनुसार अभियोजन पुलिस और न्‍याय पालिका के मध्‍य पुल की भूमिका निभाता है। अत: इस पुल को व्‍यापक चौड़ा एवं मजबूत होने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने अपने उद्बोधन में इस बात पर भी बल दिया कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर अभियोजन अधिकारियों को जेण्‍डर सेंसेटाइजेशन के प्रति जागरूक किये जाने की आवश्‍यकता है, इस हेतु प्रत्‍येक राज्‍य में अभियोजन के प्रशिक्षण केन्‍द्र की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने लोक अभियोजकों की नियुक्तियों को बढ़ाये जाने की आवश्‍यकता को भी रेखांकित किया ताकि प्रत्‍येक न्‍यायालय में अभियोजक की नियुक्ति हो सके और समय पर उचित न्‍याय पीडि़त पक्ष को दिलाया जा सके। उन्‍होंने कहा कि हम अपने अधिकारियों के विधिक संवर्धन हेतु विभिन्‍न प्रशिक्षणों के मध्‍यम से सदैव प्रयासरत् रहते हैं, और भविष्‍य में भी हम न्‍याय व्‍यवस्‍था के महत्‍वपूर्ण अंग की जिम्‍मेदारी को समझते हुए सदैव अग्रणी रहने का प्रयास करेंगे। उन्‍होंने सी.ए.पी.टी. डायरेक्‍टर श्री पवन श्रीवास्‍तव को बधाई देते हुए प्रशंसा की कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर सभी राज्‍यों के अभियोजकों का आपस में संवाद व सार्थक चर्चा के प्रयास हेतु मैं आपको साधुवाद देता हॅूं। निश्चित ही इस नेशनल ऑनलाईन कॉन्‍फ्रेंस से राष्‍ट्रीय स्‍तर पर लोक अभियोजकों को एक विशेष गति एवं दिशा प्राप्‍त होगी। 


कॉन्‍फ्रेंस में उपस्थित प्रख्‍यात संकाय/अतिथि वक्‍ताओं द्वारा ''अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्‍याचार निवारण अधिनियम,'' ''महिलाओं और बच्‍चों पर अत्‍याचार और अपराध'' विषय पर व्‍याख्‍यान दिये गये। कॉन्‍फ्रेंस में द्वितीय एवं महत्‍वपूर्ण विषय यह भी रहा कि किस प्रकार अभियोजकों को और अधिक मजबूत करके अभियोजन में सुधार किया जाए ताकि पीडि़त को सरल व उचित न्‍याय दिलाया जा सके। उक्‍त विषयों पर सिंडिकेट चर्चा कर प्रस्‍तुति एवं सुझाव भी दिये गये। इस अवसर पर श्री सी.पी. सक्‍सेना, डी.आई.जी./उपसंचालक सी.ए.पी.टी. भोपाल द्वारा श्री विजय यादव (भा.पु.से.), महानिदेशक/संचालक लोक अभियोजन म.प्र. का आभार व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि आपने जो महत्‍वपूर्ण समय दिया है उसके लिए मैं आपका आभारी हॅूं, एवं कॉन्‍फ्रेंस में उपस्थित सभी अधिकारीगण का धन्‍यवाद ज्ञापित किया।

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