Breaking News
Loading...
Agri Bharat Samachar -  Indore, Jhabua and MP Hindi News

संपादक मोहम्मद अमीन

The State Cyber Police issued an advisory to prevent blackmailing by recording a video call.

भोपाल। अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक राज्‍य सायबर योगेश चौधरी ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से मित्रता कर पुरुषों को व्हाटसएप पर वीडियो कॉल करके उसका स्क्रीन रिकार्ड कर अपने जाल में फसा कर ब्लैकमेल करना और फिर पैसे एंठने की वारदात आजकल आम हो गयी है।सायबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से स्वयं को महिला दर्शाते हुये अपनी प्रोफाइल पर महिला की फोटो लगाकर पुरुषों को मित्रता सूची में जोड़ लेते हैं। फिर कुछ समय सामान्य बात कर यह एहसास दिलाते हैं कि वह वाकई में महिला हैं, और आगे बात करने के लिये स्वयं का व्हाट्सएप नम्बर दे देते हैं। जहां से कोई महिला आपसे बात करती है जो कि वॉइस चैंजर एप के माध्यम से किया जाता है। धीरे-धीरे बातें कामुकता का रूप ले लेती हैं फिर वह वीडियो कालिंग कर वस्त्र उतारने को कहते हैं। वीडियो कॉलिंग पर वखों के उतरने और तमाम शारीरिक प्रतिक्रियाओं को यह अपराधी "स्क्रीन रिकोर्डिंग" एप के माध्यम से रिकार्ड कर लेते हैं। फिर आपकी सोशल मीडिया में आपके मित्रों व परिवार वालों को आपकी उक्त वीडियो भेज देने का इर दिखा कर आपसे पैसों कि मांग करते हैं। समाज में इज्जत के डर से कई लोग उन्हें पैसे दे देते हैं किंतु वह निरंतर पैसों कि मांग बढ़ाते जाते हैं।


योगेश चौधरी ने कहा कि कभी भी अनजान व्यक्तियों से सोशल मीडिया पर मित्रता न करें। सदैव अपने परिचितों या पहचानने वालों की ही मित्रता कि रिक्यास्ट स्वीकार करें। मित्रता सूची में जुड़ने के बाद भी अगर किसी मित्र की प्रतिक्रिया संदिग्ध लगती है तो तुरंत उसे अपनी प्रोफाईल से अनफ्रेंड कर दें। अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल की सभी प्रकार की सेटिंग्स को मजबूत करें ताकी हर कोई आपकी प्रोफाइल में जाकर आपकी जानकारीयां, मित्र सूची व पोस्ट न देख सकें। किसी को अपना मोबाइल नम्बर न दें जब तक कि आपको उसकी पहचान की पुष्टी न हो जाये और व्हाट्सएप आदि पर किसी भी अन्जान व्यक्ति से बात या वीडियो कॉलिंग न करें। यदि किसी भी प्रकार से आप इस तरह के फ्रॉड में फस भी जाते हैं तो घबराए नहीं तुरंत पुलिस थाने जाकर या ऑनलाइन www.cybercrime.gov.in या Toll Free नम्बर 155260 पर शिकायत दर्ज करें। तथा सबसे पहले अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से उस संदिग्ध व्यक्ति को हटा दें व कुछ दिनों के लिये अपनी प्रोफाइल को भी डीएक्टीवेट कर दें ताकि बनाई गयी वीडियो आपके किसी परिचित मित्र या रिश्तेदार को न भेज सके।


प्रदेश के सात सौ थानों में ऊर्जा महिला हेल्‍प डेस्‍क का शुभारंभ 31 मार्च को...

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा महिलाओं के विरूद्ध घटित जघन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी एवं सख्त कार्यवाही करने के दिशा-निर्देश दिये गये है। उक्त निर्देशों के पालन में मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा केन्द्र सरकार के आर्थिक एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सार्थक सहयोग से म.प्र. के समस्त जिलों के 700 थानों में "ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क’’ स्थापित की जा रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ ऑनलाईन 31 मार्च को किया जा रहा है। कार्यकम के मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधिपति प्रकाश श्रीवास्तव, प्रशासनिक न्यायाधिपति, उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, जबलपुर रहेंगे। इस कार्यक्रम में गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, सामान्य प्रशासन अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग, सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग, सहकारिता एवं श्रम विभाग के प्रमुख सचिव / अपर प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी ऑनलाईन सम्मिलित होंगे साथ ही NIC के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी एवं जोनल, जिला एवं थाना स्तर तक के पुलिस अधिकारी सम्मिलित होगें। महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही हेतु मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला डेस्क को पुलिस द्वारा की जाने वाली समस्त प्रकार की प्राथमिक कार्यवाही सहित एक आदर्श मानकीकृत प्रकिया (SOP) उपलब्ध करायी जा रही है, जिसका उद्देश्य पीड़ित महिला की सहानुभूति पूर्वक सुनवाई करना, उचित वातावरण उपलब्ध कराना, कानूनी प्रक्रिया की जानकारी देना तथा अन्य स्वयं सेवी समूह से यथोचित सहायता उपलब्ध कराना है। महिला डेस्क को मुख्य रूप से महिला, बच्चे एवं बुर्जुगो को ध्यान में रखते हुये कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया हैं। महिला डेस्क खोले जाने के पूर्व ही इसके लिये आधारभूत तैयारी की गई है। जैसे कि उन थानों का चयन जहाँ अन्य थानों की तुलना में महिला अपराध अधिक हैं, महिला डेस्क के लिये पृथक कक्ष, महिला अधिकारी की पदस्थापना एवं प्रसाधन कक्ष की व्यवस्था प्रत्येक जिले में महिला डेस्क के नोडल अधिकारी अति पुलिस अधीक्षक/ उप पुलिस अधीक्षक स्तर के होंगे तथा थाना प्रभारी के नियंत्रण एवं निर्देशन में ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क का संचालन महिला उप निरीक्षक/ सहायक उप निरीक्षक द्वारा किया जायेगा।



Post a Comment

Previous Post Next Post