अग्रि भारत समाचार से तय्यब भाई पिटोलवाला की रिपोर्ट।
झाबुआ । दुनिया भर के मुसलमानों के साथ मिलकर झाबुआ के दाऊदी बोहरा समुदाय ने पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) की जयंती, 'मिलाद-उन-नबी' का पर्व मनाया। इस अवसर पर निकाले गए जुलूस में शहर के विभिन्न मोहल्लों से आए समुदाय के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जुलूस की शुरुआत शाम ४:३० बजे आज़ाद चौक स्थित बोहरा मस्जिद से हुई, जो चंद्र शेखर आज़ाद मार्ग, थांदला गेट, रूनवाल बाजार, जैन मंदिर, लक्ष्मी बाई मार्ग, राजवाड़ा, नेहरू मार्ग, सरदार भगत सिंह मार्ग, बाबेल चौराहा हो कर पुनः बोहरा मस्जिद पर जाकर संपन्न हुआ। जुलूस का नेतृत्व दो बाइक एस्कॉर्ट्स ने किया, उनके पीछे 4 घुड़सवार और फिर एक आकर्षक लाल कार चल रही थी जिसमे मदरसा हतिमिया के बच्चे सवार थे, और उसके बाद समुदाय के लोग अनुशासित कतारों में गरिमा और व्यवस्था का परिचय देते हुए चल रहे थे। स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बुरहानी गार्ड्स झाबुआ के स्वयंसेवकों ने यातायात और भीड़ नियंत्रण में सहयोग दिया। इस जुलूस में समुदाय का पारंपरिक इज़्ज़ी स्काउट बैंड भी शामिल था।
शहर भर में और दुनिया भर में, दाऊदी बोहरा समुदाय के लोग अपनी स्थानीय मस्जिदों और सामुदायिक केंद्रों में 52वें धर्मगुरु, दिवंगत सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन के रिकॉर्ड किए गए प्रवचन को सुनने के लिए एकत्र हुए। पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित इस प्रवचन में अपनी जड़ों और पहचान से जुड़े रहते हुए शिक्षा प्राप्त करने के महत्व पर बल दिया गया, विशेषकर दैनिक नमाज और कुरान के पाठ के माध्यम से चरित्र निर्माण पर जोर दिया गया।
इसी कड़ी में 23/08/2026 रविवार के दिन प्रातः ११:०० बजे समाज द्वारा प्रोजेक्ट राइज के तहत सभी राहगीर को नाश्ता करवाया गया जिसमे फैज़ुल मवाइद बुरहानिया के किचन में पोहे बना कर सभी को परोसे गए. करीब ५०० लोगो ने इस साल्पाहार का फायदा लिया। स्थानीय सामुदायिक समन्वयक अब्बास भाई झाबुआवाला ने कहा, पैगंबर (स.अ.व.) का जीवन और उनकी शिक्षाएं करुणा, न्याय और मानवता के मूल्यों पर केंद्रित हैं, जो हर मुसलमान के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाश हैं। हमें अपने दैनिक जीवन में इन शिक्षाओं को अपनाने और समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले एक उत्पादक नागरिक बनने की निरंतर प्रेरणा मिलती है।

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