अग्रि भारत समाचार से एम. हामिद ईज्जी की रिपोर्ट ।
आलोट । श्रीशनिदेव की 1000वीं जयंती मनाई गई धूमधाम से शनिचरा अमावस का एक अपना अलग महत्व है गुजरात के डभोई शनि देव मंदिर में शाम 4 बजे हवन, शाम 5:30 बजे साड़ी वितरण का कार्यक्रम और शाम 6 बजे अतिथियों का स्वागत, शाम 6.30 बजे शनिदेव की महाआरती, शाम 6.45 बजे श्रीश्याम खाटू श्याम की महाआरती और महाप्रसाद का आयोजन किया गया। हजार की संख्या में श्रद्धालु ने महाप्रसादी का लाभ लिया वहीं दानदाताओं का सम्मान किया गया। जहां गरीब एवं विधवा बहनों बेटियों को साड़ी वितरित करने का कार्यक्रम रखा गया था इस मौके पर वडोदरा जिले में प्रथम आने वाली राठौड़ परिवार की बेटी यात्री राठौड़ का भी श्री महाकाल भैरव अखाड़ा संघ की ओर से स्वागत किया गया। इस मौके पर वडोदरा जिला भाजपा अध्यक्ष डॉ. बी. जे. ब्रह्मभट्ट का स्वागत जिला भाजपा अध्यक्ष महेशभाई दाजी, श्रीमहाकाल भैरव अखाड़ा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोदभाई सोलंकी नर्मदा जिला प्रभारी भारतीय जनता पार्टी और मंदिर कमेटी के गुरुजी ने किया। कच्छ, भुज से आए नारायण बापू, गुरुजी प्रवीण गिरिबापू और महेंद्रभाई राठौड़, प्रभुदासभाई मकवाना, अशोकभाई कुशवाह, प्यारेलाल, सोनू, बलवीर, प्रकाश वसावा, मंदिर कमेटी की महिला टीम, विमलाबेन पटेल, विजयाबेन पटेल, सोलंकी, रमीलाबेन सोलंकी, दीनाबेन सोलंकी, दीपकभाई सोलंकी, हिरेनभाई सोलंकी, डॉ. चिंकल सोलंकी, ट्विंकल सुमित्राबेन पटेल कहीं कार्यकर्ता उपस्थित
रहे , उक्त मंदिर 1962 में बना था, जहां लगभग 64 साल के आसपास होने को है पूर्व में पांच दस ईंटों से दीया जलाकर पूजा करते थे। रविवार, 25.2.1962 को इसकी स्थापना के बाद, हर साल, वर्तमान प्रमुख गुरुजी नारायण बापू और उनके पिता और विनोदभाई सोलंकी के बड़े भाई कृष्णलाल सोलंकी और उनकी टीम ने लगातार सेवा की और 100 से 200 लोग दान स्वरूप पैसे इकट्ठा करके प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव मनाते थे। आज उक्त स्थान पर शनि देव के साथ श्री खाटू श्याम का भव्य मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है जहां दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं ।

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