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संपादक मोहम्मद अमीन✍️

मो.9424836100

इंदौर ।  प्रभारी उपनिदेशक अभियोजन राजेन्द्र  सिंह भदौरिया ने बताया कि दिनांक 16.01.2026 को माननीय न्यायालय, मृणाल मोहित  न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जिला इंदौर (म.प्र.) ने थाना बाणगंगा के प्रकरण क्रमांक 4303857/2014 में निर्णय पारित करते हुए सभी आरोपीगण 1.सतीश शर्मा, 2.विनोद शर्मा, 3.विकास शर्मा, 4.रवि शर्मा, सभी निवासी इंदौर, को धारा 323/34 भा.दं.सं. मे प्रत्येक को 3-3 माह का कारावास और प्रत्येक को एक - एक हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी  बाबूलाल चौहान द्वारा की गयी। 

अभियोजन का प्रकरण संक्षेप में इस प्रकार है कि कि फरियादी ने थाने पर मौखिक सूचना दी की मै ईंट भटटे का काम करता हूँ आज दिनांक 2/1/2014 के शाम 4 बजे करीब का समय होगा उस समय मै, राधेश्याम व देवी‍सिंह एवं मेरी बुआ वही पर खडे हुये थे तभी  सतीश शर्मा, विनोद शर्मा, विकास शर्मा, रवि शर्मा सार्वजनिक व्यायाम शाला की जमीन पर भराव कर रहे थे मैने इन लोगो से कहा की यह जमीन सार्वजनिक व्यायाम शाला की है आप इसमे भराव मत करो उसी बात को लेकर चारो मुझे गालिया देने लगे मैने गालिया देने से मना किया तो मुझे सतीश शर्मा ने लाठी से मारा जो सिर मे लगी और खून निकलने लगा तथा बाकी लोगो ने ईट से मारा जो मेरे बांये हाथ की कलाई पर लगा  एवं राधेश्याम को भी रवि ने लाठी से मारा जिससे उसके सिर मे लगकर खून निकलने लगा, तथा हाथ मे पैर मे ईंटो की चोट लगी तथा देवीसिंह को किसी नुकिली चीज से आरोपीगण ने मारा जो उसके दाहिने अंगूठे पर लगकर खून निकलने लगा एवं ईंट की भी कन्धे  पर लगी तथा इन लोगो द्वारा ईंट फेकने पर मेरी बुआ मंजू राय को दाहिने हाथ की कलाई पर कन्धे एवं पैर पर एवं गाल पर चोट लगी फिर ये लोग मारपीट कर बोले कि आज तो बच गये हो आईन्दा हमारे बीच मे आये तो जान से खत्म कर देगे तथा गालिया बकते हुए वहां से चले गये। घटना विनोद राय, जीतू जायसवाल तथा पन्नाकलाल तथा आस–पास के लोगो ने देखी है बाद थाने रिपोर्ट को आया हूं उक्त सूचना पर से  अपराध क्रमांक-09/2014, धारा 323,294, 506,34 भारतीय दण्ड संहिता की रिपोर्ट लेखबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान घटनास्थल का नक्शा मौका बनाया गया, साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गये, अभियुक्तगणों को गिरफतार किया गया एवं संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जिस पर से अभियुक्तगणों को उक्त  दण्ड से दण्डित किया गया।

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