मध्य भारत संपादक अली असगर बोहरा मो.न.8962728652
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शताब्दी समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने इस समारोह की याद में एक डाक टिकट भी जारी किया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर बोहरा समाज के धर्मगुरु डॉक्टर सैयदना अली कदर मुफद्दल सैफुद्दीन साहब की चिट्ठी की जिक्र करते हुए कहा कि सैयदना साहब की एक चिट्ठी भी मुझे मिली है जिसमें उन्होंने कोरोना वैक्सीनेशन ड्राइव मे भी हर स्तर पर सहयोग देने की बात कही है देश को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे संगठित प्रयासों से ही हर कार्य संभव है ।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सर सैय्यद की उस टिप्पणी को याद किया कि अपने देश के बारे में जो व्यक्ति चिंता करता है उसका पहला और सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य यह है कि वह जाति, पंथया धर्म का विचार किए बिना सभी लोगों के कल्याण के लिए काम करे। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश ऐसे मार्ग पर आगे बढ़ रहा है जहां हर नागरिक अपने संविधान से मिले अधिकारों के प्रति आश्वस्त है। किसी भी व्यक्ति को धर्म के कारण पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए क्योंकि यह ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’शपथ का आधार है। प्रधानमंत्री ने बिना किसी भेदभाव के जनता को लाभ प्रदान करने वाली सरकार की योजनाओं के भी उदाहरण दिए। बिना किसी भेदभाव के 40 करोड़ से अधिक गरीब लोगों के बैंक खाते खोले गए। इसी तरह बिना कोई भेदभाव किए 2 करोड़ गरीब लोगों को पक्के घर दिए गए। 8 करोड़ से अधिक महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के गैस कनेक्शन मिले हैं। लगभग 50 करोड़ लोगों ने आयुष्मान योजना के तहत बिना किसी भेदभाव के5 लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार कराया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के संसाधन हर नागरिक के लिए हैं, इनका सभी को लाभ मिलना चाहिए। हमारी सरकार इसी समझ के साथ काम कर रही है।
नए भारत के विजन में यह कल्पना की गई है कि देश और समाज के विकास को राजनीतिक दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने लोगों को भ्रामक प्रचार के विरुद्ध सतर्क रहने और दिल में राष्ट्र के हितों को सर्वोच्च मानने का आह्वान किया। राजनीति इंतजार कर सकती है लेकिन समाज नहीं, इसी प्रकार गरीब चाहे किसी भी वर्ग से संबंधित हो, वह भी इंतजार नहीं कर सकता। हम समय को बर्बाद नहीं कर सकते, हमें आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी प्रकार के मतभेदों को दूर रखा जाना चाहिए।
On behalf of the entire Aligarh Muslim University family, Chancellor of AMU, Dr Syedna Mufaddal Saifuddin extended a warm welcome to Prime Minister @narendramodi ji alongside Minister of Education @DrRPNishank ji for joining the Centenary Celebrations of @AMUofficialPRO. pic.twitter.com/EVlqd1t9Zy
— The Dawoodi Bohras - Official (@Dawoodi_Bohras) December 22, 2020
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा समाज को दिए गए अभूतपूर्व योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि एएमयू ने हजारों लोगों के निःशुल्क परीक्षण किए, आइसोलेशन वार्ड बनाए, प्लाज्मा बैंक बनाए और पीएम केयर फंड में बड़ी राशि का योगदान दियाजो इस विश्वविद्यालय की समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठित प्रयासों के साथ भारत देश को सर्वोपरि रखते हुए कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी का सफलतापूर्वक मुकाबला कर रहा है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में एएमयू ने दुनिया के अनेक देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए भी कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में उर्दू, अरबीऔर फारसी भाषाओं तथा इस्लामी साहित्य पर किए गए शोध पूरे इस्लामी विश्व के साथ भारत के सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय कोअपनी नरम छवि को और आगे बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण के दायित्व को पूरा करने की दोहरी जिम्मेदारी उठानी है।
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