मध्य भारत संपादक अली असगर बोहरा मो.न.8962728652
झाबुआ । म.प्र. की भाजपा सरकार अपने कर्तव्य से विमुख हो रही है तथा आदिवासी क्षेत्रों में स्कूल बंद कर अजजा क्षेत्रों की जनता को शिक्षा से वंचित करने एवं बेरोजगारी बढा रही है, यह कभी भी स्वीकार नहीं किया जावेगा। एक ओर स्कूल बंद होने से अजजा वर्ग एवं अन्य जाति के लोगों को प्रांरभिक शिक्षा से वंचित होगें एवं क्षेत्र में पढे लिखे युवाओं को रोजगार से वंचित होगें।
उक्त आरोप झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया ने सरकार पर लगाते हुए प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि प्रदेश सरकार आदिवासी विकासखंण्डों के एक ही परिसर एक विद्यालय के नाम पर 89 आदिवासी विकास खण्डों के लगभग 5700 विद्यालय जो कि प्राथमिक एवं माध्यमिक है उन्हे बन्द करने कि कोशिश की जा रही है, सरकार द्वारा लगभग 20 हजार स्कूल शिक्षा विभाग के पूर्व में बंद कर दिये गये है। उक्त स्कूल बंद होने से आगामी समय में शिक्षकों की भत्र्ती नहीं होगी साथ ही आदिवासी क्षेत्र के गरीब बच्चे पढाई से वंचित होगें। भूरिया ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों से भत्र्ती के नाम पर लाखों रूपये फिस के रूप में प्राप्त करने के बाद आज तक शिक्षकों की भत्र्ती नहीं की जा रही है जिससे अनेक बच्चे अपनी आयु पूर्ण कर चुके है तथा पढ़े- लिखे युवा रोजगार के लिए दर दर भटक रहे है।
श्री भूरिया ने यह भी बताया कि कांग्रेस सरकार ने आदिवासी जिलों में अधिक से अधिक स्कूल छात्रावास खोले जिससे गरीब बच्चों को बहार न जाना पडे एवं उन पर आर्थिक बोझ न हो । लेकिन भाजपा की सरकार उन स्कूलों को संचालित नहीं कर पा रही है एक ओर जहां शिक्षकों के लगभग 92 हजार से अधिक पद रिक्त है। स्कूल कालेजों में पर्याप्त शिक्षक नहीं है। पर्याप्त मात्रा में फनिर्चर नही है , पुस्तकालय, कन्या स्कूलों में बाउण्ड्रीवाल,शौचालय,खेल मैदान,पानी की कमी आदि समस्याओं से जुझ रहे है उसे दूर नहीं किया जा रहा है और स्कूलों को बंद करने की कार्यवाही की जा रही है। भूरिया ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार नीजिकरण को बढावा दे रही है सरकारी स्कूलों के लिए दूरी का माप दण्ड है वहीं नीजि स्कूलों हेतु ऐसा कुछ नहीं है जिससे बिना सुविधा के नीजि स्कूल खोले जा रहे है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल मेहता एवं प्रवक्ता हर्ष भटट ने बताया कि अजजा बहुल क्षेत्रों में स्कूल बंद करने के निर्णय पर प्रदेश युवक कांग्रेस अध्यक्ष विक्रान्त भूरिया, विधायक वीरसिंह भूरिया, वालसिंह मेडा , पूर्व विधायक जेवियर मेडा, कार्यवाह अध्यक्ष रूपसिंह डामोर,हेमचन्द्र डामोर एवं जिला पंचायत अध्यक्ष शांति डामोर जिले के जनपद पंचायत अध्यक्ष गेन्दाला डामोर, गीता शंकरसिंह भूरिया सहित आदि ने आदिवासी क्षेत्रों के स्कूल बंद करने का विरोध किया है तथा शासन से मांग की है कि तत्काल आदिवासी क्षेत्रों के स्कूल की समस्याओं का निदान किया जावे तथा पर्याप्त मात्रा में शिक्षकों एवं अन्य व्यवस्था की जावे। जिससे क्षेत्र में बेरोजगारी समस्याओं का हल निकाला जा सकें। यदि स्कूल बंद करने का आदेश वापस नहीं लिया जाता है तो कांग्रेस बेरोजगार ,शिक्षित युवाओं के साथ आन्दोलन करने की तैयारी करेगी।
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